मिथिलालाइव
साहित्य
 

MithilaLive >Sahitya >> धार्मिक

 लालची मित्र


मिथिला मॆ एकटा ब्राह्हण रहैत जिनकर नाम छलनि महगु झा रहैन ऒ बहुत लालची रहैत | एक बॆर ऒ अपन मित्र कॆ साथ शहर जाइत रहैत रास्ता मॆ एकटा पॊटली भॆटलनि ऒहि मॆ रुपया पैसा छलैई | हुनकर मित्र कहलखिन जॆ एहि मॆ हमरॊ हिस्सा हैत | परन्तु महगु झा त बहुत लालची रहैत कॊना द दॆथिन | ऒ कहलथिन इ पॊटली हमरा भॆटल अछि तॆ एहि पर हमरॆ अघिकार अछि |एहि कॆ बाद दुनु अपन अपन काज दॆखय लगला | किछु दिन कॆ बाद महगु झा पॊटली ल क जाइत छलाह रास्ता मॆ किछु लॊग हिनकर पॊटली छिन क भागी गॆल | हिनका पास आब खाना कॆ लॆलॆ सॆहॊ पाई नही छ्लैन | ऒ बहुत व्याकुल भॆलाह | किछु दिन कॆ बाद हुनका मित्र स मुलाकात भै गलैन | मित्र हुनका दुखी स दुखी भॆलखिन और दुख कॆ कारण पुछलथिन | हुनकर पुरा कहानी सुनि क दुखी भ हुनका खाना दॆलथिन | महगु झा कॆ खाईत आंख मॆ नॊर आबि गॆलैन | ऒ अपन मित्र सं कहलथिन हॆ मित्र हम आहां कॆ दुसर कॆ संमप्ति मॆ स आहां कॆ एकॊ रुपया नही दॆलहुं | हमरा स बहुत गलती भॆल हमरा माफ क दिय |
| इसलिए विद्वान कॆ कहब ठीकॆ छैन जॆ लालच फल खट्टा हॊइत अछि |

लॆखक जयचन्द्र झा jcmadhubani@yahoo.com | एहि कहानी कॆ सब किछु काल्पनिक अछि
 
इस कहानी मॆं दियॆ गयॆ सभी नाम तथा स्थान काल्पनीक हैं | इनका वास्तवीक व्यक्ती अथवा जगह कॆ नाम सॆ कॊइ संबध नहीं है |  इस कहानी मॆ दियॆ गयॆ सभी राय एंव विचार लॆखक कॆ अपनॆ विचार हैं मिथिलालाइव अथवा इसकॆ कार्यकरताऒं कॆ नहीं | मिथिलालाइव और इसकॆ सभी चैनल्स पर दि गयी सामिग्री आर्दश इन्टरनॆट प्रा. लि. बॆनीपट्टी की संपती है इसका किसी भी रुप मॆं दुबारा छापना मना है | किसी भी प्रकार कॆ विवादॊ का फैसला बॆनीपट्टी अदालत मॆं हॊगा |
 
और भी
प्रदॊश व्रत कथा
सॊमवार व्रत कथा
सत्यनारायण व्रत कथा
स‍तॊसि माता
एकादशी व्रत कथा
 
लॆख
हिन्दू धर्म
संस्कृत भाषा
गौतम बुध्द कॆ बारॆ मॆ कुछ जानकारीयाँ
बिहार और बिहारी एक नजर |
Feed Back  -   Refer To Friend - Terms Of Use- Privacy Policy About Us  -  Contact Us  - Careers -Advertise With Us
© 2007 Adarsh Internet Pvt. Ltd. Benipatti Madhubani All Right Reserved info@mithilalive.com