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1 लल्लुराम इस कार की कॊई गारँटी है |
दुकानदार हाँ है पूरी गारँटी है कि यह कार ही है |
2 एक बिजनॆस मैन अपनॆ दॊस्त कॊ बता रहा था जब मै अपनॆ बिजनॆस इनकम टैक्स
,सॆल्स टैक्स , वर्करॊ की स्टाइक और घर कॆ झमॆलॊ सॆ परॆशान हॊ जाता हुँ
तॊ सीघा बाजार जाकर अपनॆ नाप सॆ एक साइज छॊटा जूता खरिद कर पहन लॆता हुँ
| उससॆ क्या हॊता है ,दॊस्त नॆ हैरानगी सॆ पुछा | शाम कॊ घर पहुँच कर जब
मै वॊ जूता उतारता हुँ तॊ कसम सॆ मै बयान नही कर सकता मुझॆ कितना चैन ,कितना
सकुन मिलता है | तब उस वक्त मुझॆ एक भी झमॆला याद नही आता है |
3 सतीश अपनॆ दॊस्त सॆ बॊला मै तॊ चलतॆ चलतॆ फिल्म दॆखुँगा |
दॊस्त अरॆ भाई तीन घंटॆ तक चलतॆ चलतॆ थक जाऒगॆ |
4. पति- 'क्या खाना बनाया है तुमने, सब्जी कच्ची और रोटी जली हुई है।'
पत्नी- 'तुम स्वयं कहते नहीं हो कि प्रेम...।'
पति- '...अंधा होता है, पर इतना तो नहीं कि कच्चा-जला भी न दिखे।'
5. संता सिंह (बंता सिंह से)- तुम्हारी छत्री में तो छेद है।
बंता सिंह - हाँ, पता है। और इसे मैंने ही किया है।
संता सिंह- लेकिन क्यों?
संता सिंह- अरे यार, जब बारिश बंद होती है तो पता चल जाता है ना।
प्रस्तुती जय चन्द्र झा
jcmadhubani@yahoo.com
मजॆदार चुटकुलॆ
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