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मजॆदार चुटकुलॆ - 14
सं‍कलन:-
जय चन्द्र झा
तीन दोस्त मर गये और स्वर्ग में पहुंचे। पहले दोस्त को स्वर्ग की सबसे बदसूरत और भद्दी महिला के साथ रहने को कहा गया।
''क्यों ?'' - उसने सवाल किया।
''क्योंकि जब तुम नौ साल के थे तुमने एक चिड़िया को पत्थर से मारा था।'' - यमराज ने जवाब दिया।
ठीक यही दूसरे दोस्त के साथ भी हुआ। उसने भी पूछा कि उसके साथ ऐसा क्यों हो रहा है। यमराज ने उसे भी वही जवाब दिया कि जब वह नौ साल का था उसने एक चिड़िया को पत्थर से मारा था।
तीसरा दोस्त यह सुनकर खुश हुआ और बोला - ''चलो अच्छा है कि मैंने ऐसा कोई काम नहीं किया।'' उसे स्वर्ग की सबसे खूबसूरत महिला का साथ नसीब हुआ। बाकी दोनों दोस्तों ने पूछा - ''क्यों ?''
''क्योंकि जब वह महिला नौ साल की थी तब उसने एक चिड़िया को पत्थर से मारा था।'' - यमराज ने बताया।

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पति-पत्नी में झगड़ा हुआ और बात तलाक तक पहुंच गई। लेकिन पहले फैसला बच्चे के बारे में होना था कि वह किसके पास रहेगा।
न्यायाधीश ने पहले पत्नी से पूछा कि वह कोई एक वजह बताये जिस कारण बच्चा उसे दिया जाना उचित हो ।
पत्नी ने कहा - ''मैने उसे नौ महीने गर्भ में रखा है और बड़े कष्ट झेलकर उसे जन्म दिया है। यह बच्चा मेरे शरीर का हिस्सा है। उस पर सिर्फ और सिर्फ मेरा ही अधिकार है।''
न्यायाधीश हांलाकि उसकी बात से प्रभावित हुये लेकिन नियम के अनुसार पति से भी वही प्रश्न किया।
पति ने जवाब दिया - ''देखिये, यदि मैं कोला (शीतल पेय) की मशीन में एक सिक्का डालता हूं और एक गिलास कोला निकल कर बाहर आता है तो आप ही बताइये उस कोला पर मेरा अधिकार होगा या मशीन का ?''

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एक गली में दो दुकानदार थे, राम और श्याम। श्याम की दुकान पर एक तख्ती लगी थी - ''शक्कर मात्र 15 रु. किलो'' । एक औरत आई और उसने दो किलो शक्कर देने को कहा।
''माफ कीजिये, पर आज माल खत्म हो गया। आप सोमवार को आइये तब तक और आ जायेगा।''
औरत को शक्कर तुरंत चाहिये थी। वह राम की दुकान पर पहुंची। वहां पता चला कि शक्कर का भाव 20 रु. किलो है। औरत ने विरोध किया - ''श्याम की दुकान पर शक्कर केवल 15 रू. किलो है। आप के यहां इतनी मंहगी क्यों ?''
''जब हमारा माल खत्म हो जायेगा तो हमारे यहां भी 15 रु. किलो हो जायेगी'' दुकानदार ने जवाब दिया।

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एक जीवविज्ञानी मेंढ़कों के व्यवहार का अध्ययन कर रहा था। वह अपनी प्रयोगशाला में एक मेंढ़क लाया, उसे फर्श पर रखा और बोला - ''चलो कूदो !'' मेंढ़क उछला और कमरे के दूसरे कोने में पहुंच गया। वैज्ञानिक ने दूरी नापकर अपनी नोटबुक में लिखा - ''मेंढ़क चार टांगों के साथ आठ फीट तक उछलता है।''
फिर उसने मेंढ़क की अगली दो टांगें काट दी और बोला - ''चलो कूदो, चलो !'' मेंढ़क अपने स्थान से उचटकर थोड़ी दूर पर जा गिरा। वैज्ञानिक ने अपनी नोटबुक में लिखा - ''मेंढ़क दो टांगों के साथ तीन फीट तक उछलता है।''
इसके बाद वैज्ञानिक ने मेंढ़क की पीछे की भी दोनों टांगे काट दीं और मेंढ़क से बोला - ''चलो कूदो!''
मेंढ़क अपनी जगह पड़ा था। वैज्ञानिक ने फिर कहा - ''कूदो! कूदो! चलो कूदो!'' पर मेंढ़क टस से मस नहीं हुआ।
वैज्ञानिक ने बार बार आदेश दिया पर मेंढ़क जैसा पड़ा था वैसा ही पड़ा रहा ।
वैज्ञानिक ने अपनी नोटबुक में अंतिम निष्कर्ष लिखा - ''चारों टांगें काटने के बाद मेंढ़क बहरा हो जाता है।''

आपको हमारे चुटकुले कैसे लगे यह जरूर बताएं मुझे इंतज़ार रहेगा
धन्यवाद
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