| MithilaLive > साहित्य >>चुटकुलॆ |
एक लुटेरे ने एक आदमी
की कनपटी पर पिस्तौल टिकाई और बोला - ''जल्दी से अपना सारा पैसा मेरे
हवाले करो ।''
भला आदमी, जो इस अचानक आक्रमण से घबरा गया था, बोला - ''तुम ऐसा नहीं कर सकते। तुम मुझे जानते नहीं हो। मैं रूलिंग पार्टी का लीडर हूं।'' ''अच्छा ऐसी बात है। तो फिर मेरा पैसा मेरे हवाले करो।'' ....................................................................... एक आदमी मर गया और सीधा नरक में पहुंचा। वहां यमदूत ने उसका स्वागत किया और उसे नरक की सैर कराई। यमदूत ने कहा कि यहां तीन तरह के नरक-कक्ष है और उसे अपनी पसन्द का कक्ष चुनने की आजादी है। पहला कक्ष आग की लपटों और गर्म हवाओं से इस कदर भरा हुआ था कि वहां सांस लेना भी दूभर था। आदमी ने कहा कि वह इस नरक में रहना नहीं चाहेगा। यमदूत उसे दूसरे नरक कक्ष में ले गया । यह कक्ष सैंकड़ों आदमियों से भरा हुआ था और यमदूत बेरहमी से उनकी पिटाई कर रहे थे। चारों ओर चीखपुकार का माहौल था। आदमी यह सब देखकर घबरा गया और उसने यमदूत से अगला कक्ष दिखाने की प्रार्थना की। तीसरा और अंतिम कक्ष ऐसे लोगों से भरा हुआ था जो बस आराम कर रहे थे और कॉफी पी रहे थे। यहां अन्य दो कक्षों जैसी कष्टदायक कोई बात उसे नहीं दिखी। उसने यमदूत से कहा कि वह इसी कक्ष में रहना चाहता है। यमदूत ने उसे उसी कक्ष में छोड़ा और चला गया। आदमी ने एक कॉफी ली और आराम से एक तरफ बैठ गया। कुछ मिनटों बाद लाउडस्पीकर पर एक आवाज गूंजी - ''ब्रेक टाइम खत्म हुआ। अब फिर से दस हजार घूंसे खाने के लिये तैयार हो जाओ !'' ............................................................................ इंटेलिजेंस ब्यूरो में एक उच्च पद हेतु भर्ती की प्रक्रिया चल रही थी। अंतिम तौर पर केवल तीन उम्मीदवार बचे थे जिनमें से किसी एक का चयन किया जाना था। इनमें दो पुरुष थे और एक महिला। फाइनल परीक्षा के रूप में कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा की जांच की जानी थी। पहले आदमी को एक कमरे में ले जाकर परीक्षक ने कहा - ''हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगे चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो।'' फिर उसने उसके हाथ में एक बंदूक पकड़ाई और दूसरे कमरे की ओर इशारा करते हुये कहा - ''उस कमरे में तुम्हारी पत्नी बैठी है। जाओ और उसे गोली मार दो।'' ''मैं अपनी पत्नी को किसी भी हालत में गोली नहीं मार सकता''- आदमी ने कहा। ''तो फिर तुम हमारे किसी काम के नहीं हो। तुम जा सकते हो।'' - परीक्षक ने कहा। अब दूसरे आदमी को बुलाया गया। ''हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगे चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो।'' कहकर परीक्षक ने उसके हाथ में एक बंदूक पकड़ाई और दूसरे कमरे की ओर इशारा करते हुये कहा - ''उस कमरे में तुम्हारी पत्नी बैठी है। जाओ और उसे गोली मार दो।'' आदमी उस कमरे में गया और पांच मिनट बाद आंखों में आंसू लिये वापस आ गया। ''मैं अपनी प्यारी पत्नी को गोली नहीं मार सका। मुझे माफ कर दीजिये। मैं इस पद के योग्य नहीं हूं।'' अब अंतिम उम्मीदवार के रूप में केवल महिला बची थी। उन्होंने उसे भी बंदूक पकड़ाई और उसी कमरे की तरफ इशारा करते हुये कहा - ''हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगी चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो। उस कमरे में तुम्हारा पति बैठा है। जाओ और जाकर उसे गोली से उड़ा दो।'' महिला ने बंदूक ली और कमरे के अंदर चली गई। कमरे के अंदर घुसते ही फायरिंग की आवाजें आने लगीं । लगभग 11 राउंड फायर के बाद कमरे से चीखपुकार, उठापटक की आवाजें आनी शुरू हो गईं। यह क्रम लगभग पन्द्रह मिनटों तक चला उसके बाद खामोशी छा गई। लगभग पांच मिनट बाद कमरे का दरवाजा खुला और माथे से पसीना पोंछते हुये महिला बाहर आई। बोली - ''तुम लोगों ने मुझे बताया नहीं था कि बंदूक में कारतूस नकली हैं। मजबूरन मुझे उसे पीट-पीट कर मारना पड़ा।'' ......................................................................... एक ग्रामीण पिता-पुत्र अपने नजदीकी शहर में शॉपिंग मॉल देखने गये। यूं तो वहां की हर चीज देखकर वे चकित थे परन्तु एक जगह एक खुलने और बन्द होने वाली दीवाल (लिफ्ट) देखकर वे विशेष रूप से प्रभावित हुये। उन्होंने ऐसी दीवाल पहले कभी नहीं देखी थी । जिस समय वे पिता पुत्र आंखे फाड़ फाड़ कर उस दीवाल को देख रहे थे उसी समय एक बूढ़ी औरत उस दीवाल के पास पहुंची और दीवाल पर लगा एक बटन दबाया। बटन दबाते ही दीवाल खुल गई और बूढ़ी औरत उस दीवाल के अन्दर चली गई । दीवाल फिर बन्द हो गई। थोड़ी देर बाद दीवाल अपने आप खुली और उसमें एक पच्चीस साल की खूबसूरत लड़की बाहर निकली। पिता यह सब देखकर लगभग चिल्लाते हुये पुत्र से बोला - ''बेटा, जल्दी घर जा और अपनी मां को लेकर आ।'' ................................................................ एक आदमी ने अपने घर फोन किया तो उधर से एक अनजान महिला की आवाज आई। ''कौन ?'' - आदमी ने पूछा। ''मैं घर की नौकरानी बोल रही हूं ।'' - महिला ने उत्तर दिया। ''लेकिन हमारे घर में तो कोई नौकरानी नहीं है।'' - आदमी ने कहा। ''मुझे घर की मालकिन ने आज सुबह ही नौकरी पर रखा है ।'' नौकरानी ने जवाब दिया। ''अच्छा ठीक है, सुनो। इस वक्त तुम्हारी मालकिन कहां हैं ? मुझे उनसे बात करनी है।'' - आदमी ने कहा । ''वह तो बेडरूम में हैं। अपने पति के साथ।'' - नौकरानी ने जवाब दिया। ''क्याऽऽऽ... ? पति के साथ...... ? पर उसका पति तो मैं हूं ........ '' - आदमी गुस्से से भन्ना गया। उसने एक मिनट कुछ सोचा फिर बोला - ''हैलो ..... सुनो क्या तुम पचास हजार रूपये कमाना चाहोगी?'' ''हां... । पर मुझे करना क्या होगा ?'' - नौकरानी ने पूछा । ''तुम मेरी अलमारी से बंदूक निकालो और उस कुतिया और उसके साथ जो आदमी है उसे गोली से उड़ा दो।'' नौकरानी ने फोन नीचे रख दिया। आदमी ने पहले कदमों की और फिर दो गोलियां चलने की आवाज फोन पर सुनी। नौकरानी ने वापस फोन उठाया और पूछा - ''अब इन लाशों का क्या करूं ?'' ''उन्हें स्वीमिंग पूल में डाल दो।'' - आदमी ने कहा । ''पर आपके घर में तो स्वीमिंग पूल नहीं है।'' - नौकरानी ने जवाब दिया। लगभग तीन चार मिनट तक दोनों तरफ खामोशी छाई रही फिर आदमी की आवाज आई - ''क्या ये नम्बर 7457965 ही है ?'' आपको हमारे चुटकुले कैसे लगे यह जरूर बताएं मुझे इंतज़ार रहेगा धन्यवाद
|
|