- संताः बंता , आज तुम बहुत परेशान लग रहे हो।
बंताः हां यार , क्या बताऊं मैं बाप बनने वाला हूं।
संताः अरे , इसमें परेशान होने की क्या बात है ?
बंताः यार , यह बात मेरी बीवी को पता नहीं है।
- मैं अपने घर में शिशुवाटिका चलाती थी। मेरे इस
काम में एक सहायिका मेरी मदद करती थी। वह मेरी 12 साल की बेटी की देखभाल भी किया
करती थी।
एक दिन जब वह मेरे घर आई तो मैंने उसे बैठने का इशारा किया। मैं उस समय खाना खा
रही थी। बैठते ही उसने गहरी सांसें छोड़ते हुए कहा, “आपको शायद पता न हो नन्हें
बच्चों को सम्भालना कितना थकाऊ काम है।”
मैं एक पल के लिए हैरान हो कर उसकी आंखों में देखने लगी। वह कई वर्षों से बच्चों
को सम्भालने का काम करती आ रही थी। मुझे उसकी परेशानियों का अहसास था। तभी उसे
कुछ याद आया। उसने झेंपते हुए कहा कि, “अरे आपको तो पता ही होगा।”
- मैं एक किताब की दुकान में गया। किसी कारण से
वहां पर काम कर रही कर्मचारी को कंप्यूटर पर मेरा उपभोक्ता प्रमाण नहीं मिल पा
रहा था।
उसके कंधों के ऊपर से कंप्यूटर को देखते हुए मैंने कहा, ‘इसमें कुछ गड़बड़ है। यह
कम्प्यूटर मेरा जन्म दिवस 31/12/1899 दिखा रहा है।’
‘हां, बिल्कुल,’ मेरे पति ने उसकी सुर में सुर मिलाते हुए कहा, ‘यह जून में पैदा
हुई है, दिसंबर में नहीं।’
- फ़ोन की घंटी बज़ी और डॉक्टर साहब जल्दी से
तैयार होकर जाने लगे .
उनकी पुत्री ने अपने पिताजी को इतनी जल्दबाज़ी में जाते देखा तो पूछा पिताजी इतनी
जल्दी मे कहाँ जा रहे हैं .
डॉक्टर साहब बोले -- " अभी-अभी रीगल होटल रूम न.302 से फ़ोन आया था की जल्दी से आ
जाओ नही तो मेरी जान निकल जाएगी" .
डॉक्टर साहब की पुत्री ने शर्माते हुए कहा -- " ओह नो पापा , वो फ़ोन तो मेरे लिए
था " .
- एक दफ़ा किसी इंटरव्यू मे मिसेज़ संता से पूछा गया -- "आप की
निगाह मे पति क्या है"?
"पति, पति तो एकदम उल्लू होता है" , मिसेज़ संता का निर्भीक उत्तर था .
"कैसे-कैसे"? एक साथ कई सवाल उठे .
"बात बिल्कुल सीधी सी है, पति को बीबी के सारे गुण रात के अंधेरे मे ही जो दिखाई
देते हैं". मिसेज़ संता का बोल्ड जवाब था.
आपको हमारे चुटकुले कैसे लगे यह जरूर बताएं मुझे
इंतज़ार रहेगा
धन्यवाद
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